भारतीय छद्म-धर्मनिरपेक्षता (Indian Pseudo Secularism)

कल रात से एक प्रश्न मेरे दिमाग में घूम रहा है, जिसे फेसबुक भी पर पोस्ट करना चाह रहा था। लेकिन फिर मैं ने सोचा कि आज ईद की छुट्टी का उपयोग फेसबुक के बजाय विकिपीडिया पर बिताकर किया जाय तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

          कल शाम एक हिन्दू सिक्यूरिटी गार्ड को एक मुस्लिम कर्मचारी को आगे से "असलाम वालेकुम" बोलते देखा तो मैं अनायास ही मन में सोचने लगा कि यार कभी किसी गैर हिन्दू के द्वारा किसी हिन्दू को राम-राम भाई, जय श्री कृष्णा... बगैरह बोलते हुए कभी नहीं देखा। यहाँ तक कि किसी सिख भाई को भी नहीं। जबकि हम किसी भी सरदार से मिलते है तो सबसे से पहले उन्हें "सत्श्रीअकाल सरदार जी" कह कर संबोधित करते हैं। साथ ही हम सिख गुरुओं का सम्मान एवं पूजन भी करते हैं। उनकी जीवनियाँ पढ़कर उन से प्रेरणा लेते हैं।


          आज सुबह एक दूसरे हिन्दू गार्ड को एक मुस्लिम कर्मचारी को फिर से ईद मुबारक बोलते देखा साथ ही ट्विटर पर तीसरे-चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रहे #tag #EidMubarakSRK वाले ट्वीट्स पढ़े तो देखा कि उनमें से लेशमात्र ट्वीट्स को छोड़कर सभी ट्वीट्स हिन्दुओं अथवा गैर मुस्लिम लोगों के द्वारा किये गए हैं। हर कोई बॉलीवुड कलाकार, न्यूज़ चैनल, पत्रकार एवं अधिकतर नेता लोग भी "ईद मुबारक" के साथ ट्वीट कर रहे हैं अथवा फेसबुक स्टेटस डाल रहे हैं। यह सब देखकर मन में ख्याल आया कि यार मैं ने कभी भी किसी गैर हिन्दू को किसी हिन्दू पर्व-त्यौहार अथवा भारतीय नवबर्ष (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) पर बधाई देते हुए नहीं देखा। ऐसा ही आप क्रिसमस एवं अंग्रेजी नव बर्ष के अवसर पर हिन्दुओं का उत्साह देख सकते हैं जबकि यही लोग हिन्दू पर्वों पर उत्साहहीन होते हैं। बहुत से गैर हिन्दू लोगों को “ईद मुबारक”, "मैरी क्रिसमस” एवं "HappyNaewYear" (1st जनवरी) वाला SMS/ईमेल भेजते हुए देखा है, किन्तु कभी गैर हिन्दू का, किसी हिन्दू पर्व-त्यौहार अथवा भारतीय नववर्ष (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) पर कम से कम मुझे कोई SMS/ईमेल प्राप्त नहीं हुआ। 

          मैं ने हिन्दू लोगों को मंदिर, मस्ज़िद, गुरूद्वारे अथवा बोद्ध मठ में सभी जगह देखा है लेकिन कभी किसी गैर हिन्दू को मंदिरों में आराधना करते हुए एवं भगवत्-पूजन का भोग-प्रसादि खाते हुए नहीं देखा। हालाँकि आजकल कुछ पश्चिमी देशों के इसाईयों को हिंदुत्व, भारतीय योग-दर्शन, ध्यान एवं भारतीय तीर्थों की तरफ आकर्षित होते हुए जरुर देखा है। कुल मिलाकर यह बडी गंभीर स्थिति बनती जा रही है।

          आपको मेरी किसी भी विचार से सहमत अथवा असहमत होने का पूरा अधिकार है। फिर भी अपनी किसी भी त्रुटी के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ एवं अपनी भूल सुधारने के लिए प्रस्तुत हूँ। कृपया अपनी बहुमूल्य टिपण्णी द्वारा त्रुटी से अवगत करायें।

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